
- वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रख कर अधिनियमो के दायरे में सक्षम शिक्षा अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर संस्था को बर्बाद होने से बचा लिए जाने का आग्रह किया है।
- सरकारी कार्यो मे जरूरत से जादा प्रबंधक के हस्तक्षेप से संस्था का शैक्षिक माहौल प्रभावित, तत्काल हो विभागीय कार्यवाही पांडेय गुट
- पांडेय गुट ने की तत्काल शिक्षा निदेशक माध्यमिक से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग- डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल
लखनऊ, 29 सितम्बर । स्थानीय चुटकी भंडार गर्ल्स इंटर कॉलेज ( Chutki Bhandar Girls Inter School in Hussainganj,Lucknow )
में प्रबंध तंत्र की मनमानी के चलते दो -दो संस्था प्रधान अपना अपना कानून चला रहे हैं। इसके वजह से संस्था के दैनिक कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। संस्था के प्रबंधक शिक्षा विभाग एवं जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मान्य संस्था प्रधान को नजरन्दाज कर अपने आप अलग प्रधान बना कर समान्य प्रशासन करा रहे है। इसके चलते विद्यालय ( Chutki Bhandar Girls Inter School in Hussainganj,Lucknow ) में अफरातफरी का माहौल बना हुआ है। पूरी संस्था दो खेमों में हो गई है। इस प्रकार संस्था का शैक्षिक वातावरण बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। कुछ शिक्षिकाये , कुछ कर्मचारी और छात्रायें इसका पूरा पूरा फायदा उठाने में लगे हैं। विद्यालय को प्रबंधन ने राजनीति का अखाड़ा बना दिया है। इस प्रकार संस्था अपने मूल उद्येश्य से ही भटक गयी है।
उ प्र माध्य मिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने आज यहाँ जारी अपनी तीखी प्रतिक्रया में कहा कि यह माहौल प्रदेश के शिक्षण संस्थानों में पिछले दो शैक्षिक सत्रों से बना हुआ है। शिक्षा सेवा आयोग गठन के बाद शिक्षकों एवं शिक्षिकाओ की सेवा सुरक्षा के साथ खिलवाड हो रहा है। संगठन के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इस मामले की ओर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी एवं शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। जिससे प्रदेश की शैक्षिक संस्थाओ मे हो रहे शिक्षक उत्पीड़न पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
वर्तमान समय में बोर्ड में हाई स्कूल व इंटर के आवेदन पत्र तथा नौवीं व 11 वी कक्षाओं के विद्यार्थी का पंजीकरण हो रहा है। कोषागार मे शुल्क जमा कर चेक लिस्ट से मिलान कर संशो धन एवं तीस सितंबर को बोर्ड को आवश्यक पत्र जात के साथ प्रेषित किया जाना है। इन महत्वपूर्ण कार्यो के अलावा सरकार की अनेक जनहित संबंध में जारी योजनाए, छात्रवृत्ति, एवं कार्यक्रम भी बुरी तरह से प्रभावी हो रहे हैं। प्रबंधक के अनावश्यक दखलंदाजी के चलते शैक्षिक वतावरण दिनों दिन चौपट होता जा रहा है। इन सबका प्रभाव गिरती छात्र संख्या, एवं अनुशासन पर बुरा असर डाल रहा है। संगठन ने इन उपर वर्णित परिस्थितियों को ध्यान में रख कर अधिनियमो के दायरे में सक्षम शिक्षा अधिकारियों से तत्काल प्रभावी कार्रवाई कर संस्था को बर्बाद होने से बचा लिए जाने का आग्रह किया है।
