
- दूरस्थ शिक्षा के विशेषज्ञ एवं मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा दूरस्थ शिक्षा पद्धति से पुनः प्रारंभ किया गया एम ए योग का कार्यक्रम आज बहुत लोकप्रिय हो रहा है।
- योग का यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार डिजाइन किया गया है जो शिक्षार्थियों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है।
प्रयागराज, 24 सितम्बर , उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज ( UP Rajarshi Tandon Open University) देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय है जिसने ओडीएल पद्धति में एम.ए. योग की मान्यता विश्वविद्यालय अनुदान आयोग- दूरस्थ शिक्षा ब्यूरो (यूजीसी- डेब) से पुनः इसी वर्ष प्राप्त की है। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रदेश का एकमात्र दूरस्थ शिक्षा पद्धति (ओडीएल) से संचालित तथा उत्तर प्रदेश शासन से संस्तुत मुक्त विश्वविद्यालय है।
UPRTOU Online Study : मुक्त विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने इस संबंध में यह स्पष्ट किया है कि ओडीएल मोड में योग कार्यक्रम को यूजीसी ने प्रतिबंधित नहीं किया है। यूजीसी ने प्रतिबंधन सिर्फ ऑनलाइन मोड में ही प्रभावी किया है।
दूरस्थ शिक्षा के विशेषज्ञ एवं मुक्त विश्वविद्यालय ( UP Rajarshi Tandon Open University) के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ( Prof Satyakam VC UPRTOU ) ने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय ( UP Rajarshi Tandon Open University) द्वारा दूरस्थ शिक्षा पद्धति से पुनः प्रारंभ किया गया एम ए योग का कार्यक्रम आज बहुत लोकप्रिय हो रहा है। योग का यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार डिजाइन किया गया है जो शिक्षार्थियों को आधुनिक और प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करने पर केंद्रित है। योग कार्यक्रम के माध्यम से मुक्त विश्वविद्यालय ( UP Rajarshi Tandon Open University) शिक्षार्थियों को योग के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्रदान करने और उन्हें व्यावसायिक अवसरों के लिए तैयार करने का प्रयास कर रहा है।
प्रोफेसर सत्यकाम ( Prof Satyakam VC UPRTOU ) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी योग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को विश्व भर में मनाया जाता है। जिससे लोगों को योग के लाभों के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रयासों से योग को विश्व भर में पहचान मिली है। उन्होंने लोगों को अपने जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है।
प्रोफेसर सत्यकाम ( Prof Satyakam VC UPRTOU ) ने बताया कि प्रधानमंत्री की अपील का उन पर इस कदर असर हुआ कि योग उनकी जीवन शैली का हिस्सा बन गया है। विश्वविद्यालय में नियमित रूप से योग प्रशिक्षकों द्वारा योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें वह स्वयं शामिल होते हैं। विश्वविद्यालय के प्रदेश में स्थित क्षेत्रीय केन्द्रों में नियमित योगाभ्यास प्रारंभ हो गया है। लखनऊ क्षेत्रीय केंद्र इसमें अग्रणी भूमिका में है, जहां आसपास के लोग भी नियमित योगाभ्यास के लिए आ रहे हैं।
कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ( Prof Satyakam VC UPRTOU ) ने बताया कि विश्वविद्यालय ( UP Rajarshi Tandon Open University) के सभी केंद्रों पर योग प्रशिक्षण सत्र के लिए पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध है। योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए विश्वविद्यालय ( UP Rajarshi Tandon Open University) में एम ए योग में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का प्रावधान किया गया है। सत्र जुलाई 2025 -26 में एम ए योग कार्यक्रम से संबन्धित प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित किया जा चुका है। प्रवेश परीक्षा में सफल 332 अभ्यर्थियों का प्रवेश शीघ्र ही ओडीएल मोड से एम ए योग कार्यक्रम में कर लिया जाएगा।
