
प्राचार्या प्रो. सुषमा देवी जी की अध्यक्षता में एवं श्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव जी की उपस्थिति में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।- श्रद्धांजलि समारोह के पश्चात पूरा महाविद्यालय परिवार बहुउद्देशीय हाल की ओर प्रस्थान कर सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हुआ। सर्वप्रथम सरस्वती वंदना एवं प्रतिमा माल्यार्पण संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुरंगमा यादव ने कुशलता एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।
लखनऊ, 25 सितम्बर , पं. दीनदयाल उपाध्याय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ में आज 25 सितम्बर 2025 को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर महाविद्यालय में विविध सांस्कृतिक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. सुषमा देवी जी की अध्यक्षता में एवं श्री अश्वनी कुमार श्रीवास्तव जी की उपस्थिति में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आज पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम, लखनऊ में पंडित दीनदयाल जी की 110वीं जन्म जयंती बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धाभाव के साथ मनाई गई।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुषमा देवी द्वारा पंडित दीनदयाल जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत समस्त प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।श्रद्धांजलि समारोह के पश्चात पूरा महाविद्यालय परिवार बहुउद्देशीय हाल की ओर प्रस्थान कर सांस्कृतिक एवं वैचारिक कार्यक्रमों में सम्मिलित हुआ। सर्वप्रथम सरस्वती वंदना एवं प्रतिमा माल्यार्पण संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुरंगमा यादव ने कुशलता एवं गरिमापूर्ण ढंग से किया।

मुख्य समारोहिका डॉ. रीता अग्निहोत्री ने कहा
समारोह की मुख्य समारोहिका डॉ. रीता अग्निहोत्री ने उपस्थित जनसमूह को जन्म जयंती की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए पंडित दीनदयाल जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर संक्षिप्त किन्तु प्रभावशाली प्रकाश डाला। इसके उपरांत छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया तथा मुख्य अतिथि का अभिनंदन किया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री अंजनी श्रीवास्तव का महाविद्यालय परिवार की ओर से आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए पंडित दीनदयाल जी के जीवनवृत्त, संघ यात्रा, समाजसेवा और जीवन संघर्ष के विविध पहलुओं को रेखांकित किया। इसके पश्चात भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों एवं योगदान पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। कविता पाठ एवं गीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने देशभक्ति व प्रेरणादायक कविताएँ एवं गीत प्रस्तुत किए।

एकात्म मानववाद, समाज सेवा, शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर हुई चर्चा
तत्पश्चात महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने मंच से अपने विचार रखते हुए एकात्म मानववाद, समाज सेवा, शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर पंडित जी की विचारधारा की महत्ता को स्पष्ट किया। वक्तव्यों में इस तथ्य पर बल दिया गया कि पंडित जी की विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है और युवा पीढ़ी को इसे अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। यह भी रेखांकित किया गया कि किसी भी राष्ट्र की अर्थव्यवस्था तभी सुदृढ़ हो सकती है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सभी सुविधाएँ पहुँच सकें। इसके पश्चात नाटक मंचन का आयोजन हुआ, जिसका संचालन प्रो. सुरंगमा यादव मार्गदर्शन में हुआ।
प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुषमा देवी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में छात्राओं को पंडित जी की एकात्म मानववाद की विचारधारा से परिचित कराया तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना को आत्मसात कर समाज में सार्थक योगदान देने हेतु प्रेरित किया।कार्यक्रम के अंत में डॉ. रीता अग्निहोत्री ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया और समारोह की सफलता में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान करने वाले समस्त महाविद्यालय परिवार को साधुवाद दिया।
