
- 5 मिनट या 10 मिनट कभी लेट होने पर विवाद बढ़ रही है . यह आदेश शिक्षकों के लिए एक तुगलकी फरमान के बराबर है .
रायपुर/ बिलासपुर, 23 सितम्बर , छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ के सरंक्षक सीके महिलांगे ने शिक्षा विभाग में उपस्थिति ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम से किये जाने पर तीखी नाराजगी व्यक्त की है . उन्होंने स्पष्ट रूप से इस आदेश पर फिर विचार कने का आग्रह किया है . आज इस मुद्दे पर उन्होंने कहा ये आदेश तुगलकी फरमान से ज्यादा कुछ भी नहीं .
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव जी छत्तीसगढ़ शासन रायपुर के आदेशानुसार छत्तीसगढ़ के सभी शासकीय प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में और हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रतिदिन शिक्षक एवं बालकों की उपस्थिति ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम के द्वारा फोटो खींचकर और पाठकान उपस्थिति पंजी की फोटो जीपीएस सिस्टम के द्वारा प्रत्येक स्कूलों से मंगाया जा रहा है, जिसके कारण दूर दराज में शिक्षक प्रतिदिन बस से या ट्रेन से अप डाउन करते हैं, उनके लिए समस्या खड़ी हो चुकी है, कभी बस लेट तो कभी ट्रेन लेट, जिसके कारण प्रधान पाठक और प्राचार्य और शिक्षकों के बीच वाद विवाद और लड़ाई झगड़े की स्थिति निर्मित हो रही है. इससे शिक्षक स्टाफ में मनमूटाव पैदा हो रहा है और कुछ शिक्षिकाएं बीमार और गर्भवती और बुजुर्ग हो चुके प्रधान पाठकों के लिए भी समस्या है.
5 मिनट या 10 मिनट कभी लेट होने पर विवाद बढ़ रही है . यह आदेश शिक्षकों के लिए एक तुगलकी फरमान के बराबर है . समस्त प्रकार के प्रयोग केवल शिक्षा विभाग में ही लागू किया जाता है , अन्य विभाग में भी यह नियम लागू होना चाहिए. केवल शिक्षा विभाग में ही लागू क्यों है ? इससे शिक्षकों का मनोबल टूट रहा है इस आदेश पर पुनर्विचार होना चाहिए क्योंकि बस से उतरकर भी स्कूल तक पैदल सफर करना पड़ता है जिसके कारण भी 5 मिनट या 10 मिनट लेट होने की संभावना बनी रहती है शिक्षकों के द्वारा भी प्रयास किया जाता है कि स्कूल समय पर और प्रार्थना में शामिल हो सकें .
