28 अगस्त 25 को लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त सभी महाविद्यालयो के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहते हुए, दोपहर 1 बजे सरस्वती वाटिका, लखनऊ विश्वविद्यालय पर एकत्र होंगे एवं 3.30 बजे राजभवन के लिए मार्च करेंगे, साथ ही साथ आंदोलन के इसी क्रम में संगठन द्वारा निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा जब भी कार्य परिषद की बैठक आहूत की जायेगी, उस दिन भी विश्वविद्यालय मे धरना दिया जायेगा ।
लखनऊ, 22 अगस्त , लखनऊ विश्व विद्यालय की कुलपति प्रोफ़ेसर मनुका खन्ना को आज दिनांक 22 अगस्त 2025 को लुआक्टा द्वारा पत्र प्रेषित कर आंदोलन की रूप रेखा से अवगत कराया गया। संगठन द्वारा यू जी सी रेगुलेशन 2022 का सुविधानुसार निर्वचन किये जाने पर आपत्ति व्यक्त की गयी है . इस पत्र में कहा गया है कि आप अवगत हैं कि दिनांक, 8 अगस्त 25 को लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा आहूत विद्या परिषद की बैठक में, शोध अध्यादेश 2025 पारित किया गया है ,एवं महाविद्यालयों के स्नातक स्तर के अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को शोध कराने के अधिकार से वंचित करने का निर्णय पारित किया गया है I महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा शासन से प्रदत्त इस अधिकार को नियम विरुद्ध रूप से विश्वविद्यालय द्वारा वंचित किये जाने के विरोध में दिनांक 8 अगस्त 25 को विश्वविद्यालय में धरना दिया गया, तथा आपसे दो बार वार्ता हुई, जो कि विफल रही, आपको समस्त विधिक तथ्यों से अवगत कराया गया और यह भी अवगत कराया गया कि शोध के संबंध में निर्गत यू जी सी रेगुलेशन 2022 को राज्य सरकार द्वारा अभी अंगीकृत नही किया गया है .
इस संबंध में राज्य सरकार द्वारा कमेटी भी बनायी गयी है, एवं विश्वविद्यालय को राज्य सरकार के निर्देशों का इंतजार करना चाहिए, यह भी अवगत कराया गया कि जब राज्य सरकार इस विषय पर गंभीर है एवं विश्वविद्यालय पर राज्य सरकार के ही नियम प्रभावी होते है, एवं यह अध्यादेश अगले सत्र 2026 से लागू होना है तो इतनी जल्दी क्या है, किसी भी यूजीसी के रेगुलेशन को राज्य विश्वविद्यालय द्वारा सीधे अंगीकृत नही किया जा सकता है। और यू जी सी रेगुलेशन को यथावत लागू भी नही किया गया है, एवं अपनी सुविधा के अनुसार नियमो को तोड़ मरोड़ कर पारित किया गया है, यह विधि के सिद्धांतो के विपरीत है। उचित होगा पहले नियमो का अध्ययन कर लिया जाय।
संगठन के नेताओं ने पत्र में आगे कहा है कि जहाँ एक ओर नई शिक्षा नीति शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की बात करता हैं, तथा प्रदेश के कतिपय अन्य विश्वविद्यालय स्ववित्तपोषित शिक्षकों को शोध का अधिकार प्रदान कर रहे है, वही लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षकों से शोध अधिकार से वंचित करने का कीर्तिमान स्थापित करना चाहता है। यह भी अवगत कराना समीचीन होगा कि जब यू जी सी रेगुलेशन 2018 मे स्नातक स्तर के शिक्षकों को शोध अधिकार नहीं प्राप्त था, तब लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा इन्हे शोध अधिकार प्रदान करने हेतु कमेटी का गठन किया गया था, यह अलग बात है कि कमेटी की रिपोर्ट से पहले लुआक्टा के संघर्षो के कारण तत्कालीन उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री मा डा दिनेश शर्मा जी द्वारा वर्ष 2021 के शिक्षक दिवस पर लखनऊ विश्वविद्यालयक के मालवीय हाल में स्नातक स्तर के शिक्षकों को शोध अधिकार प्रदान कर दिया lयह एक नीतिगत निर्णय है और अभी स्थाई कुलपति की नियुक्ति भी होनी है, इसलिये वर्तमान समय में ऐसे निर्णय से विश्वविद्यालय को बचना चाहिए। विश्वविद्यालय के इसी नकारात्मक रवैये के कारण संगठन को आंदोलन का निर्णय लेना पड़ा I
इस संबंध में दिनांक 20 अगस्त, 2025 को आंदोलन की रणनीति तय करने हेतु बैठक आहूत की गयी . बैठक में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया कि 28 अगस्त 25 को लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त सभी महाविद्यालयो के शिक्षक सामूहिक अवकाश पर रहते हुए, दोपहर 1 बजे सरस्वती वाटिका, लखनऊ विश्वविद्यालय पर एकत्र होंगे एवं 3.30 बजे राजभवन के लिए मार्च करेंगे, साथ ही साथ आंदोलन के इसी क्रम में संगठन द्वारा निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय द्वारा जब भी कार्य परिषद की बैठक आहूत की जायेगी, उस दिन भी विश्वविद्यालय मे धरना दिया जायेगा ।
आंदोलन के अगले चरण में शिक्षक दिवस के पूर्व 4 सितम्बर 2025 को सभी महाविद्यालयो के शिक्षक साथी काला फीता बांधकर विरोध करेंगे, एवं दिनांक 10 सितम्बर 2025 को दीक्षांत समारोह का विरोध करेंगे एवं काला फीता बाधेंगे, यदि आवश्यक हुआ तो राजभवन को मार्च भी करेंगे। यह भी निर्णय लिया कि कुलाधिपति/ राज्यपाल उत्तर प्रदेश एवं लखनऊ विश्वविद्यालय से सहयुक्त जिलों लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर हरदोई, लखीमपुर के जनप्रतिनिधियों को भी ज्ञापन दिया जायेगा, जिनमे प्रमुख रूप से लखनऊ के सांसद एवं रक्षामंत्री भारत सरकार मा राजनाथ सिंह, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री डा दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जी, हरदोई से विधायक एवं मा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी , मा उच्च शिक्षा मंत्री, योगेंद्र उपाध्याय जी, लखनऊ विश्वविद्यालय कोर्ट के सदस्य विधायक मा आशीष सिंह जी,रायबरेली के सांसद, एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष मा राहुल गाँधी जी, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद मा अखिलेश यादव जी को ज्ञापन सौंपा जायेगा । संगठन समस्या के समाधान के लिए कुलपति से पुन: वार्ता करना चाहता है . यदि आंदोलन के कारण किसी भी प्रकार के पठन पाठन का नुकसान होता है तो उसका समस्त उत्तर दायित्व विश्वविद्यालय प्रशासन का होगा।
पूर्व में प्रदर्शन का video देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
https://youtube.com/shorts/J9oSqw9xseM?feature=share
