
- ऐसी स्थिति मे महाविद्यालयो के शिक्षक शोध अधिकार से बंचित रह जायेंगे, विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज को समय पर सूचना न देना अत्यन्त खेद जनक है, तथा महाविद्यालय के शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार है, जिससे महाविद्यालयो के शिक्षकों मे रोष है, एवं वे अपने को आंदोलित महसूस कर रहे हैं। लुआक्टा विश्वविद्यालय प्रशासन से तिथि बढाने की मांग करती हैं।
लखनऊ, 11 अगस्त , लखनऊ विश्वविद्यालय सहयुक्त महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर मनोज पाण्डेय और महामंत्री प्रोफ़ेसर अंशु केडिया ने आज फिर कुलसचिव लखनऊ विश्वविद्यालय को अपने उस पत्र की याद दिलाई है , जो 04 अगस्त को लिखा था . शिक्षक नेताओं ने कुलसचिव को बताया था कि विश्वविद्यालय के विभागो से PhD की रिक्त सीटों के बाबत मांगी गई जानकारी सम्बन्धी पत्र कालेज प्राचायों को नहीं भेजा गया था. इसलिए संगठन ने कालेज को भी पत्र भेजने का आग्रह किया था .
शिक्षक नेताओं ने पत्र में लिखा है कि कुलसचिव लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ द्वारा पीएचडी कार्यक्रम मे रिक्त शोध सीट्स सूचना के संबंध मे 01 अगस्त 25 को जारी अपने पत्र द्वारा सत्र, 2025-26 मे पीएचडी पाठ्यक्रम मे प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ करने हेतु विश्वविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्षों से विभाग मे रिक्त विज्ञापित किये जाने हेतु पूर्णकालिक/अंशकालिक सीटों का विवरण विभागीय शोध समिति (DRC) से संस्तुत कराकर 17 अगस्त 2025 तक उपलब्ध कराने का आदेश निर्गत किया गया था . महाविद्यालयों को सूचना न देने पर लुआक्टा द्वारा अपने पत्र दिनांक 4 अगस्त द्वारा कुल सचिव को अवगत कराया था कि “संघ अपने पूर्व अनुभव के आधार पर आपके संज्ञान मे लाना चाहता है कि कतिपय विभाग अनुपलब्ध डाटा/ लापरवाही/ जानबूझकर अपने विषय के महाविद्यालयों के शिक्षकों को समय पर सूचित नही करते है, जिसके कारण बाद मे संघ को हस्तक्षेप करना पड़ता है,और अनावश्यक विवाद बढ़ता है,
शिक्षक नेताओं ने कुलसचिव से आग्रह किया था कि निर्गत पत्र का संशोधन जारी करते हुए महाविद्यालयों के प्राचार्य को भी प्रतिलिपि प्रेषित करने का कष्ट करे जिससे अर्ह/ इच्छुक शिक्षकों को समय से सूचना प्राप्त हो जाय तथा शोध निर्देशन के अधिकार से वंचित न रह जाए I” लुआक्टा से वार्ता उपरांत कुल सचिव द्वारा संघ को आश्वस्त किया गया कि अति शीघ्र प्राचायों हेतु पत्र जारी कर दिया जाएगा, लेकिन आज तक प्राचायों को पत्र की प्राप्ति नही हुई है I सूच्य है कि 17 अगस्त 25 तक DRC की बैठक कर रिक्त सीटो की सूचना जमा करनी है I यह भी अवगत कराना है कि 15 और 16 एवं 17 अगस्त 25 तक अवकाश भी घोषित है .
ऐसी स्थिति मे महाविद्यालयो के शिक्षक शोध अधिकार से बंचित रह जायेंगे, विश्वविद्यालय द्वारा कॉलेज को समय पर सूचना न देना अत्यन्त खेद जनक है, तथा महाविद्यालय के शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार है, जिससे महाविद्यालयो के शिक्षकों मे रोष है, एवं वे अपने को आंदोलित महसूस कर रहे हैं। लुआक्टा विश्वविद्यालय प्रशासन से तिथि बढाने की मांग करती हैं।
