
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ प्रधान पाठक कल्याण संघ ने छत्तीसगढ़ के सभी शिक्षकों और प्रधान पाठकों को लापरवाही पूर्वक कोरोना ड्यूटी लगाए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया है। संघ के प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने कहा कि शिक्षकों को बिना कोरोना वारियर्स माने और स्वास्थ्य व सुरक्षा का ख्याल किए बिना शिक्षको की ड्यूटी बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, कोरोना कंट्रोल रूम, कोरोना जांच हेतु भी और टीकाकरण में भी बिना सुरक्षा कवच के ड्यूटी लगाई जा रही है।
प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने कहा कि वर्तमान में स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ सहित देश के कई प्रांतों में कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को शिक्षकों को कोरोना वारियर्स मानकर बीमा करना चाहिए और शिक्षकों को कोरोना की सुरक्षा कवच प्रदान करने के पश्चात ही ड्यूटी पर लगाई जाए। साथ ही मास्क और सैनिटाइजर का निशुल्क वितरण करने के बाद ही ड्यूटी लगाई जाय। उन्होंने कहा कि शिक्षक ड्यूटी करने से नहीं डरते हैं, केवल सुविधा और उनके परिवार की सुरक्षा अनिवार्य हो, क्योंकि गत वर्ष बड़ी संख्या में शिक्षक साथियों की कोरोना के कारण शहादत हो चुकी है।
सभी प्राथमिक व मिडिल स्कूल बंद
प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने आगे कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ के सभी प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को बंद कर दिया गया है। केवल शिक्षक और प्रधान पाठक स्कूल पहुंच रहे हैं। अर्धवार्षिक परीक्षा मिडलाइन 2022 की उत्तर पुस्तिका की जांच की जा रही है और बच्चों का मूल्यांकन करते मूल्यांकन पंजी और आकलन पंजी तैयार किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग से किया आग्रह
प्रांताध्यक्ष सीके महिलांगे ने कोरोना की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए छत्तीसगढ़ शासन और शिक्षा विभाग से निवेदन किया है कि वर्तमान माहौल को देखते हुए शिक्षकों को रोटेशन में 50त्न के हिसाब से शाला में उपस्थित देने का आदेश जारी किया जाए और शिक्षक साथियों को वर्क टू होम करने के लिए आदेशित किया जाए। शिक्षक घर में रहकर स्कूल का हर काम कर सकते हैं और बच्चों को ऑनलाइन पूर्व की भांति पढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और शिक्षा विभाग से यह भी मांग की है कि शिक्षकों को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देते हुए बीमा सुरक्षा कवच दिया जाए उसके पश्चात कोरोना ड्यूटी लगाई जाय।
