

- अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के अंतर्गत सहकार भवन जांजगीर में सहकारी योजनाओं, बायलॉज एवं साइबर सुरक्षा पर विशेष कार्यशाला आयोजित
- सहकारिता विभाग के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम से जिले की सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित किया जा सकेगा।
जांजगीर-चांपा, 17 जुलाई , अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के वार्षिक कैलेंडर के तहत सहकारी जागरूकता व क्षमता संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सहकार भवन नोडल कार्यालय जांजगीर में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले की समस्त प्राथमिक सहकारी समितियों के प्रबंधक, ऑपरेटर सहित बैंकिंग व सहकारिता विभाग के अधिकारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि सहायक पंजीयक सहकारिता कामेश कश्यप, सहायक निदेशक एनसीडीसी रायपुर सुभाष वर्मा, डीडीएम नाबार्ड जांजगीर श्री अंकित पाल, नोडल अधिकारी अमित साहू एवं नोडल सहायक जीपी तिवारी उपस्थित रहे।
anjgir Champa news, : कार्यक्रम का शुभारंभ अमित साहू द्वारा अतिथियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित कर किया गया। अपने स्वागत वक्तव्य में साहू ने सहकारिता क्षेत्र में समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया तथा ऐसे आयोजनों को समय-समय पर आयोजित कर अधिकारियों एवं सहकारी समितियों से जुड़े कार्मिकों को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराने की बात कही।
इसके पश्चात सुभाष वर्मा, सहायक निदेशक एनसीडीसी रायपुर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से एनसीडीसी द्वारा सहकारी समितियों के सशक्तिकरण हेतु संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार से एनसीडीसी किसानों, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), प्राथमिक कृषि साख समितियों (PACS) एवं अन्य सहकारी संस्थाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण में सहायक बन रही है।
इसके बाद नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अंकित पाल ने नाबार्ड की योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने नाबार्ड द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय समावेशन, महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण, डेयरी, मत्स्य पालन, कृषि अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में दी जा रही सहायता एवं ऋण योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने PACS के माध्यम से गांव-गांव तक योजनाओं के लाभ पहुंचाने पर बल दिया।
सहायक पंजीयक कश्यप ने सहकारी समितियों की भूमिका, कार्य प्रणाली एवं विभिन्न सहकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी तकनीकी जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए समितियों की पारदर्शिता, सही प्रबंधन एवं समय पर लेखा परीक्षण अत्यंत आवश्यक है।
Latest Janjgir Champa news : कार्यशाला के अगले सत्र में नोडल सहायक जीपी तिवारी ने प्राथमिक सहकारी समितियों के बायलॉज पर विस्तारपूर्वक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने समितियों के गठन, उद्देश्य, कर्तव्य, अधिकार एवं दायित्व के विषय में सहभागी प्रबंधकों व ऑपरेटरों को जागरूक किया। श्री तिवारी ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि किस प्रकार बायलॉज के अनुरूप समितियों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सकता है।
साथ ही उन्होंने वर्तमान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर क्राइम एवं बैंकिंग फ्रॉड के खतरों पर भी विस्तृत जानकारी दी। श्री तिवारी ने बताया कि डिजिटल लेनदेन के दौरान किन सावधानियों का पालन करना चाहिए एवं किस प्रकार साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। उन्होंने OTP, पासवर्ड, फिशिंग कॉल, संदिग्ध लिंक आदि से जुड़ी सावधानियों पर भी चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन जीपी तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं अधिकारियों का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया। इस कार्यशाला से जिले की सहकारी समितियों के प्रबंधकों एवं ऑपरेटरों को योजनाओं की अद्यतन जानकारी, बायलॉज की बारीक समझ तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होने का अवसर प्राप्त हुआ। सहकारिता विभाग के अनुसार इस तरह के कार्यक्रम से जिले की सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा समितियों के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को लाभान्वित किया जा सकेगा।
