शिक्षकों के वर्षों वर्षों से रिक्त विभिन्न विषयो के पदों पर हो स्थायी रूप से नियुक्ति : ओम प्रकाश त्रिपाठी- स्थायी पदों पर अस्थाई रूप से संबिदा पर नियुक्ति का प्रबल विरोध पांडेय गुट
- दोहरी शिक्षा प्रणाली के विद्यमान रहते बंद होने की कगार पर सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय
लखनऊ , 14 जुलाई , शासन की दोहरी शिक्षा प्रणाली व्यवस्था के चलते सूबे के सरकारी व गैर सरकारी प्राथमिक विद्यालयों से लेकर माध्यमिक विद्यालय में छात्रों की कमी के कारण शिक्षण संस्थानों के सामने उत्पन्न विषम स्थिति पर उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट ने गहरी चिन्ता व्यक्त की है। संघ ने भारतीय संस्कृति व जन आकांक्षाओं से इतर कान्वेंट शिक्षा प्रणाली को दिये जा रहे बढ़ावे एवं बेशुमार मान्यता दिये जाने के कारण उसके चकाचौंध मे सरकारी गैर सरकारी स्कूलों के सामने उत्पन्न परिस्थितियों के लिए शिक्षण संस्थानों को कदापि जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।
संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी उत्पन्न परिस्थितियों के लिए शासन व नीतियां सीधे जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में जहा एक ओर संसाधनों की की कमी के साथ साथ शिक्षकों की भारी संख्या में अभाव के चलते विषम परिस्थितियों के दौर से गुजरना पड़ रहा है। सरकार की इस प्रकार की लागू नीति के चलते हाई फाई लागू पाठ्यक्रम के आकर्षण और निजी स्कूलों के बेहतर सुविधाये दिये जाने की वजह से ही सरकारी स्कूलों से पलायन की साजिश चल रही है। विदित हो कि प्राथमिक विद्यालयों में लगभग डेढ़ से दो लाख शिक्षकों के सृजित पद खाली पड़े हैं उसी तरह माध्यमिक विद्यालय में भी लगभग पचास हजार से अधिक पद सरकारी गैर सरकारी स्कूलों में खाली है जिनपर वर्षों से भरे जाने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे शिक्षण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। जो विषम परिस्थितियों को जन्म दे रही है।
शिक्षक नेताओ का साफ तौर पर मानना है कि जब तक सूबे के समस्त शिक्षण संस्थानों में एक समान रूप से एक पाठ्य क्रम लागू नहीं होता और शैक्षिक वातावरण शिक्षण संस्थानों में नहीं प्रदान किया जाता है तब तक एक दूसरे पर दोषारोपण कर स्कूलों को मर्जर करने अथवा बंद कर ना कोई सार्थक समाधान नहीं है। शिक्षक नेताओ ने इसके पीछे गहरी चल रही साजिश की आशंका जताई है। उन्होंने इस प्रकार की स्थिति के लिए जिम्मेदार अफसरों पर भी सवालिया निशान उठाया है।

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित किया है और उनसे तत्काल अंग्रेजो के द्वारा लागू लार्ड मैकाले की शिक्षा प्रणाली पर प्रभावी कार्रवाई कर अंकुश लगाने और भारतीय शिक्षा पद्धति को लागू करने की दिशा में तत्काल प्रभावी कार्रवाई किये जाने की पुरजोर माँग की है और वर्तमान समय की भी यही माँग है। संघ ने भारतीय संस्कृति व जन आकांक्षाओं से इतर कान्वेंट शिक्षा प्रणाली को दिये जा रहे बढ़ावे एवं बेशुमार मान्यता दिये जाने के कारण उसके चकाचौंध मे सरकारी गैर सरकारी स्कूलों के सामने उत्पन्न परिस्थितियों के लिए शिक्षण संस्थानों को कदापि जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता हैं।
संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं सगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि ऐसी उत्पन्न परिस्थितियों के लिए शासन व नीतियां सीधे जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में जहा एक ओर संसाधनों की की कमी है . संगठन ने सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रकारांतर नितांत अस्थाई संविदा पर नियुक्ति किये जाने की कुत्सित मानसिकता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे शिक्षा जगत के लिए अनुचित करार दिया है।
