
- मुख्य अतिथि प्रो. आदित्य प्रसाद पाढ़ी, पूर्व कुलपति, बेरहामपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा, ने सरदार पटेल की दृढ़ता, चतुराई और निष्ठा के साथ आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर प्रकाश डाला।
बिलासपुर , 12 जुलाई, campusamachar.com, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) की सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के सहयोग से दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन दिनांक 11-12 जुलाई, 2025 को किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी की थीम “आत्मनिर्भर भारत के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल का विचार” रही। दिनांक 11 जुलाई, 2025 को आयोजित राष्ट्रीय सेमीनार के उद्घाटन समारोह के मुख्य संरक्षक एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में सेमीनार का आयोजन किया गया।
प्रो. अमित कुमार सक्सेना, प्रभारी कुलपति ने 2047 तक आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को लेकर भारत की महत्वाकांक्षाओं की चर्चा की और संसाधनों के कुशल उपयोग, नीति-निर्माण एवं निष्पादन की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्य अतिथि प्रो. आदित्य प्रसाद पाढ़ी, पूर्व कुलपति, बेरहामपुर विश्वविद्यालय, ओडिशा, ने सरदार पटेल की दृढ़ता, चतुराई और निष्ठा के साथ आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. देवेंद्र कुमार मदान, अंतरराष्ट्रीय मामलों के डीन और सामाजिक विज्ञान संकायाध्यक्ष पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला ने सरदार पटेल के प्रारंभिक जीवन और उनके “सरदार” बनने की यात्रा पर विस्तार से चर्चा की।
विशेष अतिथि प्रो. एस. के. मिश्रा, अर्थशास्त्र अध्ययनशाला के अध्यक्ष एवं डीन विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन ने सरदार पटेल के आर्थिक योगदान पर प्रकाश डाला। प्रो. रामकृष्ण प्रधान, संगोष्ठी के सह-अध्यक्ष एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के अधिष्ठाता ने “ऑर्गेनिक फिलॉसफी” की आवश्यकता पर बल दिया। इससे पूर्व मां सरस्वती की वंदना एवं कुलगीत से कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। संगोष्ठी के संयोजक एवं आयोजक सचिव तथा अर्थशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. राजकुमार नागवंशी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। श्री बी. श्रीनिवास द्वारा मंचस्थ अतिथियों का परिचय कराया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की स्मारिका का विमोचन हुआ। मंचस्थ अतिथियों का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर ए.एस. रणदिवे ने धन्यवाद एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ. सांत्वना पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षकगण एवं अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
