

- सीटू के महामंत्री प्रेम नाथ राय ने कहा कि ट्रेड यूनियन की एकता बनी है इसे हमें मजदूर वर्ग की एकता में तबदील करना है। हमारी लड़ाई सरकार की नीतियों के खिलाफ है। हमारी एकता ही सरकार को नीतियों को बदलने के लिये मजबूर करेगी। योगी सरकार श्रम कानूनों को लागू करने में विफल रही है।
लखनऊ , 09 जुलाई , campus samachar.com, केन्द्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्र व्यापी आम हड़ताल का प्रदेश में व्यापक असर पड़ा है। लाखों मजदूरों व किसानों ने हड़ताल कर सड़क पर उतरे है। ज्ञातव्य हो कि हमारे देष की उत्पादन करने वाली दो ताकतें किसान और मजदूर है। इन दोनों का प्रतिनिधित्व करने वाले केन्द्रीय श्रम संगठनों का संयुक्त मंच व संयुक्त किसान मोर्चा ने आज औद्योगिक तथा ग्रामीण हड़ताल का आवाहन किया था।
नेताओं ने दावा किया कि हड़ताल का आवाहन केन्द्रीय श्रम संगठनों एवं स्वतन्त्र फैडरेशन के संयुक्त कन्वेषन में 18 मार्च को लिया गया था। यह हड़ताल पहले 20 मई को होने वाली थी। आपरेषन सिंन्दुर के कारण इसे स्थगित कर 9 जुलाई को कर दिया गया था। इस ह़ड़ताल में प्रदेश के किसान व मजदूर दोनों ने मिलकर हिस्सा लिया। इस हड़़ताल का प्रदेष में उत्पादन पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ा है।
नेताओं ने बताया राज्य केन्द्र पर प्राप्त सूचना के अनुसार सिकन्द्राबाद बुलन्दशहर, रामनगर चन्दौली, चॉदपुर वाराणसी औद्योगिक क्षेत्र में हड़ताल का व्यापक असर रहा। फर्टिलाइजर झॉसी में हडत्रताल हुई। एन सी एल कोयला सोनभद्र में पंचानबे प्रतिश त हड़ताल का असर रहा। पूरे प्रदेश में बैंक बीमा, राज्य व केन्द्र सरकार के कर्मचारी, बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बड़े पैमाने पर जुलूस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। बलिया, गाजीपुर,इटावा, कासगंज, कानपुर, बस्ती, देवरिया, मऊ, सोनभद्र, बरेली, मुरादाबाद, नोयडा, शाहजहाँपुर, गोरखपुर सहित प्रदेष के सभी जिलों में मजदूर सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किये है।
लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम अपर श्रमायुक्त कार्यालय पर हुआ। चिनहट व नादर गंज औद्योगिक क्ष्ेात्र में अपने अपने कारखानों में हड़ताल कर मजदूर 12 बजे दिन में ए पी सेन रोड उपश्रमायुक्त कार्यालय पर एकत्रित हुये। यहॉ सभा का आयोजन किया गया। बिजली के कर्मचारियों ने षक्ति भवन, राज्य कर्मचारियों ने बी एन सिंह की प्रतिमा व स्थानीय निकाय के कर्मचारियों ने नगर निगम लाल बाग में प्रदर्षन कर सभा की। श्रम कार्यालय पर हुई सभा को सम्बोधित करते हुए एचएमएस के महामंत्री उमाशंकर मिश्रा ने कहा कि यह सरकार मजदूर विरोधी है। यह हमारे संविधान के धर्म निरपेक्षता और समाजवादी अवधारणा को समाप्त करना चाहती है।
एटक के अध्यक्ष डा बी के सिंह ने कहा कि चारों श्रम संहिता लागू होने के बाद मजदूर मालिकों व कारपोरेट का गुलाम बन कर रह जायेगा। उसके सभी अधिकार छिन जायेगें। इण्टक के महामंत्री एच एन तिवारी ने कहा कि योगी व मोदी सरकार के समय में मजदूरों का उत्पीड़न बढ़ा है। काम के घण्टे बढ़ा दिये गयेे है। सीटू के महामंत्री प्रेम नाथ राय ने कहा कि ट्रेड यूनियन की एकता बनी है इसे हमें मजदूर वर्ग की एकता में तबदील करना है। हमारी लड़ाई सरकार की नीतियों के खिलाफ है। हमारी एकता ही सरकार को नीतियों को बदलने के लिये मजबूर करेगी। योगी सरकार श्रम कानूनों को लागू करने में विफल रही है।
एआईयूटीयूसी के महामंत्री बालेन्द्र कटियार , टीयूसीसी के उदय नाथ , एक्टू के प्रदेष चन्द्रभान , सेवा की प्रदेष नेत्री बहन सीता के आलावा अविनाष मिश्रा, पियुष , हेमन्त कुमार सिह, वीना गुप्ता, विमेश मिश्रा, नौमी लाल, राम गणेष, सीता बहन, मगन नौमी लाल, रमेष कष्यप, हरेष किसान नेता दिनेष यादव , सनी भाधव आदि ने सम्बोधित किया। सभा की अध्यक्ष मण्डल में बीना गुप्ता , डा0 बी के सिंह , बालेन्द्र कटियार रामेश्वर यादव आदि ष्षामिल थें। संचालन चन्द्रशेखर ने किया।
