जारी तुगलकी फरमान , शिक्षक समुदाय की साख पर सवालिया निशान ओम प्रकाश त्रिपाठी- शासन के उच्च शिक्षा अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने पांडेय गुट ने की माँग
लखनऊ , 02 जुलाई , उ प्र माध्यमिक शिक्षक संघ ( पांडेय गुट )ने बीते दो दिनों पहले यू पी बोर्ड द्वारा परिषद ( Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) prayagraj) की विभिन्न वेबसाइट पर पहली जुलाई से शिक्षकों एवं छात्रों की आनलाईन उपस्थिति दर्ज कराये जाने संबंधी जारी फरमान को तुगलकी फरमान की संज्ञा देते हुए कड़ा एतराज जताया है,। संघ के प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ जितेंद्र कुमार सिंह पटेल एवं संगठन प्रवक्ता ओम प्रकाश त्रिपाठी ने इसे शिक्षकों की साख एवं उनके दायित्व निर्वहन पर शिक्षा विभाग के इस आदेश को सवालिया निशान बताते हुए नाराजगी जाहिर की है।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि परिषद ( Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) prayagraj) द्वारा बिगत तीस जून को जारी इस तुगलकी आदेश मे कुछ नया कर दिखाने की लगी होड मे अब शिक्षकों एवं छात्रों की यू पी एम एस पी के पोर्टल के होम पेज एवं गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध यू पी एम एस पी अटेंडेंस मध्यम से लॉग इन कर उपस्थिति दर्ज कराये जाने का निर्देश जारी किया गया है। संगठन ने इसे विभाग द्वारा शिक्षकों के सम्मान के साथ खिलवाड किये जाने की संज्ञा देते हुए उच्च अधिकारियो का ध्यान आकृष्ट कर उनसे हस्तक्षेप करने की माँग की है।
शिक्षक नेताओ ने कहा कि यह कार्य बायोमेट्रिक अटेंडेंस की पहले से ही व्यवस्था विद्यमान है। अधिनियम में विहित प्रावधानों के तहत उपस्थिति पंजिका एशिक्षण संस्थाओ मे विद्यमान है। अब शिक्षक समुदाय शिक्षण कार्य पर नियत समय सीमा के अंतर्गत ध्यान देने के स्थान पर पोर्टल पर अटेंडेंस लॉग इन कर अप लोड करने की कवायत मे उलझा रहेगा इसके चलते शिक्षण कार्य जो शिक्षण संस्थानों का या शासन का मूल उद्येश्य है करने में अपने को असहज शिक्षक समाज कर रहा है।

शिक्षक नेताओ ने कहा कि संगठन इस आदेश को तानाशाही आदेश बताते हुए पूर्व से प्रावधानों को लागू किये जाने की दिशा में शासन से प्रभावी आदेश व दिशा निर्देश जारी कर प्रदेश में शैक्षिक वतावर न को व्यवधान उत्पन्न करने के बजाय समुचित वतावरंन् बनाऐ रखने का आग्रह किया है। शिक्षक अब पढ़ाने के बजाय यू डा यस विभागीय सूचनाएं और नित नूतन आये दिन अन्य वंछित सूचनाएं देने के साथ साथ आयोजित कार्यक्रम की फोटो अपलोड करने का कार्य लिया जाता है।
शिक्षक नेताओं के अनुसार इस नये फरमान से कारण सहित शिक्षकों एवं छात्रों की दोनों मीटिंग अटेंडेंस पोर्टल पर अपलोड करने का नया काम और बढ़ा दिया गया है। सैकड़ो एवं हजारो की संख्या में अटेंडेंस का पोर्टल पर अप लोडेस् न का कार्य शिक्षकों एवं संस्था प्रधानो के लिए अत्यन्त ही दुष्कर कार्य है। शिक्षक अब मात्र सूचना केन्द्र के रूप में कार्य कर रहा है। जिसके चलते शिक्षण कार्य अब गौण हो कर रह गया है। और इन सबके चलते शिक्षण कार्य पूरी तरह बाधित हो रहा है। इसे लेकर आगामी छ जुलाई को प्रदेश राज धानी लखनऊ में राज्य परिषद की आवश्यक बैठक आहूत है जिसमे संगठन की रणनीति घोषित की जायेगी।
