

- रविवार को प्रातः अभिषेक, शांतिधारा, पूजन के बाद संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का 58वां मुनिदीक्षा स्मृति महोत्सव एवं आर्यिका रत्न श्री 105 आदर्शमति माताजी एवं 105 अखंडमति माताजी का 34 वां दीक्षा दिवस मनाया जाएगा।
कोरबा , 29 जून , campus samachar.com, संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का 58 वां मुनिदीक्षा स्मृति महोत्सव एवं आर्यिकारत्न श्री 105 आदर्शमति माताजी एवं आर्यिकारत्न श्री 105 अखंडमति माताजी का 34 वां आर्यिका दीक्षा महोत्सव बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में 30 जून सोमवार को मनाया जाएगा।
ज्ञात हो की विगत 10 दिनों से संत शिरोमणि आचार्य गुरुवर श्री 108 विद्यासागर महाराज के शिष्य एवं नवाचार्य श्री 108 समयसागर जी महाराज के संघ की परमपूज्य आर्यिकारत्न श्री 105 आदर्शमति माता जी के संघस्थ आर्यिका श्री 105 अखंड मति माताजी, आर्यिका श्री 105 अभेदमति माताजी एवं आर्यिका श्री 105 ध्यानमति माताजी ससंघ बुधवारी बाजार स्थित दिगंबर जैन मंदिर में विराजमान है।

जैन मिलन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन ने बताया कि आज प्रतिदिन की भांति प्रातः काल 7:00 बजे से ही श्रीजी काअभिषेक ,शांतिधारा एवं पूजन किया गया ।साथ ही सर्वप्रथम संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर महाराज जी के चित्र का अनावरण डॉक्टर कुसुम जैन जबलपुर वालों ने किया ।समिति के अध्यक्ष डॉ प्रदीपजैन, डा प्रिंस जैन, डॉक्टर निखिल जैन ,डां शेफाली जैन ने आचार्य श्री जी की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन किया। आचार्य श्री की चरणपादुका का पाद- प्रक्षालन श्री प्रमोद जैन ,पराग जैन ने किया ।आर्यिका श्री 105 अखंडमति माताजी एवं आर्यिका 105 अभेदमति माताजी को शास्त्र- दान नवगठित विद्यादर्श बहूमंडल की महिलाओं ने किया एवं आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की मंगल आरती श्री राकेश जैन ,मनीषा जैन ने की। तत्पश्चात आर्यिकारत्न 105 अखंड मति माताजी का प्रवचन हुआ ।उसके बाद आचार्यश्री जी का महापूजन किया गया।

रविवार को प्रातः अभिषेक, शांतिधारा, पूजन के बाद संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज का 58वां मुनिदीक्षा स्मृति महोत्सव एवं आर्यिका रत्न श्री 105 आदर्शमति माताजी एवं 105 अखंडमति माताजी का 34 वां दीक्षा दिवस मनाया जाएगा। तत्पश्चात आचार्य श्री108 विद्यासागर जी महाराज का छत्तीसी विधान किया जाएगा। शाम को आचार्य श्री का संस्मरण, व्याख्या, कविता एवं आरती की जाएगी। उक्त आशय की समस्त जानकारी समिति के पूर्व उपाध्यक्ष श्री दिनेश जैन ने दी।

