
- उधर समय परिवर्तन से सम्बंधित शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा जारी आज के आदेश पर योगेश त्यागी प्रदेश अध्यक्ष उ०प्र०जूनियर हाईस्कूल(पू०मा०) शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की है .
लखनऊ, 24 अप्रैल, campus samachar.com, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गर्मी को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त/ संचालित विद्यालयों के समय में परिवर्तन किया है .इस सम्बन्ध में बेसिक शिक्षा विभाग के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने आज आदेश जारी कर दिया है .
बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि गर्मी के प्रकोप को देखते हुए बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित आठवीं कक्षा तक के विद्यालयों का समय सुबह 7:30 से अपराह्न 1:30 बजे तक रहेगा. इसमें सुबह 7:30 बजे से 12:30 तक छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए उपस्थित रहेंगे जबकि शिक्षक सुबह 7:30 बजे से 1:30 बजे तक विद्यालय में उपस्थित होंगे रहेंगे. उन्होंने बेसिक बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के समय का निर्धारण प्रबंधन पर छोड़ दिया है. शिक्षा निदेशक के मुताबिक निजी स्कूलों के संचालित होने का समय विद्यालय प्रबंधन स्वयं तय करेगा .
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ रही है. तापमान आज अधिकतम ४३ और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहा. यह तापमान छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेय है और इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ने वाला है. इसलिए बेसिक शिक्षा परिषद ने आठवीं कक्षा तक की विद्यालयों के समय में परिवर्तन कर दिया है , लेकिन मान्यता प्राप्त विद्यालयों में निजी प्रबंधन को स्कूलों को संचालित करने के समय निर्धारण की छूट देकर बच्चों के साथ अन्याय किया है।
जताया विरोध
उधर समय परिवर्तन से सम्बंधित शिक्षा निदेशक (बेसिक) द्वारा जारी आज के आदेश पर योगेश त्यागी प्रदेश अध्यक्ष उ०प्र०जूनियर हाईस्कूल(पू०मा०) शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश ने तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की है . उन्होंने बताया कि ये आदेश शिक्षको के खिलाफ है . इस मुद्दे पर उन्होंने आज शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रताप सिंह बघेल से फोन पर वार्ता की उनसे स्पष्ट रूप से कहा कि यह आदेश पूर्ण रूप से अव्यवहारिक है।तथा जान बूझ कर प्रदेश के बेसिक शिक्षकों को प्रताड़ित करने की नीयत से जारी किया गया है। योगेश त्यागी प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक उन्होंने निदेशक से यह भी कहा जारी आदेश में बेसिक शिक्षकों के प्रति उच्च अधिकारियों की द्वेषता स्पष्ट रूप से प्रदर्शित हो रही है।

