
आज तिथि ५१२७/ ०१-०२-०४/ ०५ युगाब्द ५१२७/ चैत्र कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार “विकट संकष्टी चतुर्थी” शुभ व मंगलमय हो…
अंको में आज की तिथि
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♡🔆 5127/01/02/04/05 ♡
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युगाब्द (कलियुग) – 5127
चैत्र – पहला महीना
कृष्ण – द्वितीय पक्ष
तिथि – चतुर्थी ( 4 थी )
वार/दिन- गुरुवार ( 5 वां वार/दिन )
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कारज धीरे होत है,
काहे होत अधीर ।
समय पाए तरुवर फले,
केतक सींचो नीर ।।
✍ अधीरता सफलता को और दूर कर देती है ।
✍ धैर्य का फल सफलता के साथ-साथ, अच्छा और सुकून भरा होता है ।
✍ प्रत्येक कार्य को पूर्ण होने के लिए एक न्यूनतम समय तो चाहिए ही ।
✍ ज्यादा अधीरता का परिणाम, चूल्हे से उतरी खीर को तुरन्त खा लेने के दुष्परिणाम के समान है ।
✍ अधीर व्यक्ति के किसी भी कार्य की सफलता का प्रतिशत, धैर्यवान व्यक्ति की सफलता से बहुत कम होता है ।
आज तिथि ५१२७/ ०१-०२-०४/ ०५ युगाब्द ५१२७/ चैत्र कृष्ण चतुर्थी, गुरुवार “विकट संकष्टी चतुर्थी” की पावन मंगल बेला में, धैर्यपूर्वक प्रत्येक कार्य के परिणाम के इंतजार के संकल्प के साथ, नित्य की भांति, आपको मेरा “राम-राम”।
