
सांस्कृतिक जीवंतता और प्रेरणादायक संबोधनों से भरा यह कार्यक्रम विद्यालय समुदाय पर एक अमिट छाप छोड़ गया।
भिलाई, 08 अप्रैल, campussamachar.com, ग्रेट इंडिया टैलेंट्स फाउंडेशन द्वारा संचालित भिलाई इस्पात विकास विद्यालय सेक्टर-6 में आज संसद सदस्य विजय बघेल की गरिमामयी उपस्थिति में विद्यार्थियों को परिधान वितरण किया गया। सांस्कृतिक जीवंतता और प्रेरणादायक संबोधनों से भरा यह कार्यक्रम विद्यालय समुदाय पर एक अमिट छाप छोड़ गया।
विजय बघेल के आगमन पर भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित किया गया, जो अंधकार को दूर करने और ज्ञान एवं प्रबुद्धता के आगमन का प्रतीक था। इसके बाद अतिथियों को पारंपरिक सम्मान और प्रशंसा के भाव से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत एक स्वागत भाषण के साथ हुई। इसके बाद विद्यालय के गायन दल ने पवित्र श्लोकों और मंत्रों के पाठ से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे आध्यात्मिक गुंजन का वातावरण बन गया।

कार्यक्रम का आकर्षण कुमारी प्रियांशी द्वारा दी गई मनमोहक शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति थी, जिनकी सुंदर भावपूर्ण कला ने उन्हें जोरदार तालियाँ दिलाईं। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर, श्री विजय बघेल ने प्रियांशी को एक स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सभा को व्योमपाद दास प्रभुजी के अंतर्दृष्टिपूर्ण वचनों से भी आशीर्वाद मिला, जिनका संबोधन दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ा। दैनिक भास्कर के संपादक योगेश दुबे ने सभा का संबोधन दिया, जिसमें शिक्षा के महत्व और भविष्य को आकार देने की भूमिका पर जोर दिया गया।
विजय बघेल ने अपने संबोधन में युवा प्रतिभाओं को पोषित करने और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए ग्रेट इंडिया टैलेंट्स फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने समग्र शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्रों को अपने सभी प्रयासों में उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके बाद विद्यालय के सभीछात्रों को गणवेश का वितरण किया गया। सभी छात्र वस्त्र पा कर बहुत खुश हुए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के गायन के साथ हुआ, जिसने उपस्थित लोगों के बीच देशभक्ति और एकता की भावना जगाई। यह कार्यक्रम एक शानदार सफलता थी, जिसने छात्रों, शिक्षकों और उपस्थित लोगों पर एक स्थायी प्रभाव डाला। ग्रेट इंडिया टैलेंट्स फाउंडेशन के मार्गदर्शन में भिलाई इस्पात विकास विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा और सांस्कृतिक संवर्धन का प्रकाश स्तंभ बना हुआ है।

