
नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने देश में फैली कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2022 में होने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए एक विशेष मूल्यांकन योजना का निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था में शिक्षा सत्र को दो टर्म में विभाजित किया गया है। बोर्ड ने 2021-22 शैक्षणिक सत्र के लिए पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों के लिए अधिक युक्तिसंगत बनाने और आंतरिक मूल्यांकन और प्रोजेक्ट वर्क को अधिक विश्वसनीय बनाने की योजना के बारे में भी जानकारी दी है। सीबीएसई की ओर से इस आदेश की जानकारी सभी केंद्रीय विद्यालय संगठन व नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त सहित सभी संबंधित अधिकारियों-संस्थाओं को भेजी जा रही है।
सोमवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के निदेशक (अकादमिक) जोसेफ इमैनुएल की ओर से इस संबंध आदेश जारी किया गया है। इस आदेश में कहा गया है कि बोर्ड परीक्षाओं के विद्यार्थियों के एक टर्म की परीक्षा नवंबर-दिसंबर, 2021 में होगी जबकि दूसरे टर्म की परीक्षा मार्च-अप्रैल, 2022 में प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि शैक्षिक सत्र 2021-22 के पाठ्यक्रम को विषय विशेषज्ञों द्वारा दो टर्म में विभाजित किया जाएगा। इसी आधार पर परीक्षा भी होंगी और परीक्षा तिथियों का निर्धारण स्थितियों का आकलन करने के बाद घोषित की जाएगी। इसी प्रकार इन टर्म परीक्षाओं में आने वाले प्रश्नों व परीक्षा अवधि की भी जानकारी इस नई व्यवस्था के सर्कुलर में दी गई है। नई व्यवस्था के बारे में उन्होंने आगे कहा कि बोर्ड हर टर्म के अंत में द्विभाजित पाठ्यक्रम के आधार पर परीक्षा आयोजित करेगा। ऐसा शैक्षणिक सत्र के अंत में बोर्ड द्वारा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा आयोजित करने की संभावना को बढ़ाने के लिए किया गया है।
