बिलासपुर। क्या परीक्षा केंद्र से बाहर बैठकर उत्तर लिख असाइनमेंट जमा करना नकल है. ऐसी परंपरा को बच्चों के क्वालिटी एसेसमेंट के नजरिए से आगे इजाजत नहीं दी जा सकती. निजी स्कूलों में असाइनमेंट की लिखित परीक्षा होगी.
सरस्वती शिशु मंदिर तिलक नगर शिक्षक संस्कार श्रीवास्तव ने कक्षा दसवीं में अक्टूबर महीने के इंग्लिश असाइनमेंट की परीक्षा स्कूल में 11 नवंबर को आयोजित की है. उन्होंने बताया कि पिछले साल और अभी तक हर महीने सभी विषय के असाइनमेंट जमा किए जा रहे थे. यह महसूस किया गया कि ऐसी परीक्षा होने से बच्चों में याद करने और सीखने की क्षमता कम हो रही थी. जिसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया. शिक्षक असाइनमेंट से संबंधित ज्ञान बच्चों को बता रहे हैं. इसकी तैयारी के लिए समय दिया जा रहा है. तिथि निर्धारित कर बाकायदा लिखित परीक्षा आयोजित की जा रही है. पेरेंट्स और मेधावी स्टूडेंट्स ने ऐसी परंपरागत परीक्षा के प्रति अपना समर्थन जताया है.
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इन तथ्यों को समझिए
1. 2021 की 12 वीं की पूरक परीक्षा में 22.73 फीसदी पास हुए थे जबकि इसी की असाइनमेंट बेस परीक्षा में 97.43 फीसदी एनुअल में डिस्टिंक्शन अंकों से पास हुए थे. मतलब अकल पर नकल भारी पड़ी.
2. कमजोर और अनियमित छात्र कोरोना के डर का बहाना और असाइनमेंट के नाम पर स्कूल नहीं आते थे. उम्मीद है अब ऐसी अनुशासनहीनता पर नकेल लगेगी.
3. कोरोना की फिलहाल संभावना कम है. छात्रों को नियमित रोज स्कूल आकर मन मेहनत से अपना रिजल्ट अच्छा लाने की कोशिश करनी चाहिए.
क्या घर बैठकर असाइनमेंट लिखना शुद्ध रूप से नकल है अब कोरोना संक्रमण का भय बहुत कम है इसलिए पारंपरिक परीक्षा पद्धति संबंधी विचारधारा को मीडिया द्वारा पुनः प्रसारित प्रसारित किया जाना बहुत जरूरी है जिससे कि हमारे छात्र छात्राओं का क्वालिटी एसेसमेंट इंप्रूव हो.
