चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास पर तीन दिवसीय कार्यशाला
बिलासपुर, 20 मई। campussamachar.com, गुरू घासीदास विश्वविद्यालय (Guru Ghasidas University Bilaspur केन्द्रीय विश्वविद्यालय) एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 19 से 21 मई, 2023 तक चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला में सौराष्ट्र विश्वविद्यालय राजकोट गुजरात की पूर्व कुलपति प्रोफेसर नीलांबरी दवे ने कहा कि आनंद की अनुभूति एवं प्राप्ति के लिए जीवन में सहज होना परमतत्व है। हमें जीवन में जो दायित्व मिले हैं उनका निर्वाहन सरलता एवं सहजता के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन स्वयं के द्वारा किये गये कार्यों का मूल्यांकन करना चाहिए जिससे नकारात्मकता को समाप्त करते हुए जीवन में सकारात्मकता का प्रादुर्भाव हो।
Guru Ghasidas University Bilaspur : कार्यशाला के दूसरे दिन दिनांक 20 मई, 2023 को सुबह 9.30 बजे रजत जयंती सभागार में प्रथम तकनीकी सत्र में श्री देशराज शर्मा, पूर्व प्राचार्य, सर्वहितकारी विद्या मंदिर, तलवाडा, पंजाब ने पंचकोषीय अवधारणा के अंतर्गत विज्ञानमय कोश के विषय में विस्तार से चर्चा की। सत्र की अध्यक्षता प्राकृतिक संसाधन विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. एस.सी. तिवारी ने की।

ggu news : देशराज शर्मा ने विज्ञानमय कोश की अवधाराणा को प्रतिस्थापित करते हुए कहा कि पंचकोश एक साधना है। यह पंचपदीय यात्रा है जिससे जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास के लिए बुद्धि का परम स्थान है। इन्द्रियों के माध्यम से प्राप्त ज्ञान से चरित्र का निर्माण होता है। काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह से बुद्धि नष्ट होती है। साधना से विज्ञानमय कोश का विकास किया जा सकता है।
Guru Ghasidas University : दूसरे तकनीकी सत्र में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के चिकित्सा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. मनोहर भंडारी एमबीबीएस एमडी, इंदौर ने मनोमय कोश के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की। सत्र की अध्यक्षता शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास नई दिल्ली के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी जी ने की। डॉ मनोहर भंडारी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का संदर्भ देते हुए कहा कि यदि मानसिक रोग नहीं है तो मनोमय कोश ठीक है। मन का शरीर की सभी अवस्थाओं पर प्रभाव पड़ता है।
Guru Ghasidas University Bilaspur News : सत्र के अध्यक्ष डॉ. अतुल कोठारी ने कहा कि पंचकोश भारतीय मनोविज्ञान की अवधारणा है। सामान्य रूप से हम विदेशी मनोविज्ञान का अध्ययन करते हैं एवं उसका ही संदर्भ प्रस्तुत करते हैं। किंतु हमें भारतीय मनोविज्ञान एवं संदर्भों का भी अध्ययन करना चाहिए। तीसरे सत्र में आनंदमय कोश पर स्वामी विवेकानंद विश्वविद्यालय सागर के कुलाधिपति डॉ अजय कुमार तिवारी ने प्रकाश डाला। डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षक का प्रमुख कार्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को सामने लाना है। उन्होंने अन्नमयकोश, प्राणमयकोश, मनोमयकोश, विज्ञानमयकोश के बारे में जानकारी देते हुए आनंदमयकोश के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला।

ggu bilaspur news : चौथे एवं अंतिम सत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020 )पर प्रोफेसर पी.के. बाजपेयी ने अपने विचार रखे। सभी सत्रों के प्रारंभ में अतिथियों का नन्हें पौधे से स्वागत किया गया तथा अंत में विषय विशेषज्ञ व सत्र के अध्यक्ष का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया। विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों के सवालों का जवाब दिया गया। इस कार्यशाला में 400 से ज्यादा शिक्षकों ने 20 समूहों में प्रतिभागी के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, अधिकारीगण, शिक्षणकगण एवं बड़ी संख्या में शोधार्थी उपस्थित रहे।
