
रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार इस नए सत्र में सरकारी और निजी क्षेत्र के स्कूलों में 1-8 तक की कक्षाओं में पढ़ने वाले लगभग 53 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें बांटने की तैयारी कर रही है. पिछली बार लगभग 50 लाख विद्यार्थियों को पुस्तकें बांटी गई थी । यह सरकार की बड़ी उपलब्धि है। स्कूलों में पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध कराने का जिम्मा लेने वाला पाठ्यपुस्तक निगम इस बार 3 करोड से अधिक किताबें छपवाने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। जानकारी मिली है कि पुस्तकों की आपूर्ति शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए विभागीय स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारियों को भी सक्रिय किया गया है। पाठ्यपुस्तक निगम इन पुस्तकों को जिले में पहुंचाएगा और फिर वहां से पुस्तकों के वितरण का काम विभागीय अधिकारियों के जिम्मे होगा।
नए शैक्षिक सत्र 15 जून से शुरु
राज्य में नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ 15 जून से हो चुका है व्यवस्था की खामियों के कारण अभी पुस्तकें हैं अधिकांश विद्यार्थियों के हाथों में नहीं पहुंच पाई और जबकि यह काम शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ ही पूरा किया जाना चाहिए था। जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पहले दिन से शुरू हो जाती लेकिन प्रक्रियागत चीजों में समय लगने व कोरोना वायरस के यह काम समय से पूरा नहीं हो पाया । हालांकि अब तेजी दिख रही है और विभागीय मंत्री भी इस मामले में रुचि ले रहे हैं। इधर कोरोनावायरस की तीसरी लहर के कारण शिक्षा विभाग ने पढ़ाई का एक रास्ता निकाला है, वह यह है कि मोहल्ला कक्षाएं संचालित की जाएंगी और अधिकांश गतिविधियां भी ऑनलाइन ही की जाएंगी। ऐसे में शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों से आग्रह कर रहे हैं कि वह ग्राम पंचायत व वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भी मोहल्ला कक्षाओं की व्यवस्था करें ।
पालक सवाल उठा रहे
सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी समय से पुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जानी चाहिए, अन्यथा स्थिति यह हो गई कि पढ़ाई के मामले में निजी विद्यालयों के विद्यार्थी पिछड़ जाएंगे । वैसे भी नया सत्र शुरू हुए 20 दिन से अधिक समय हो गया है और अभी पुस्तकों की पूरी उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
