
ग्वालियर. राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के एक संस्थान को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। विश्वविद्यालय से जुड़े कृषि विज्ञान केन्द्र, धार को कृषि विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय कृषि विज्ञान प्रोत्साहन पुरस्कार 2020 से सम्मानित किया गया हैं। देश भर के 722 केन्द्रों में से कृषि विज्ञान केन्द्र धार का चयन हुआ।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के स्थापना दिवस पर आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर द्वारा केन्द्र को पुरस्कार स्वरूप शील्ड, प्रशस्ति पत्र तथा सम्मान राशि रू. सात लाख प्रदान की गई। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्र विशिष्ट अतिथि थे।
कृषि विज्ञान केन्द्र, धार को यह पुरस्कार विगत पॉच वर्षो में जिले में आदिवासी तथा अन्य वर्गों के कृषकों के बीच महत्वूपर्ण तकनीकी जैसे बहुमंजिला खेती, उच्च तकनीकी उद्यान, फसल विविधिकरण, कडकनाथ मुर्गी व बकरा पालन, एकीकृत कृषि प्रणाली, केंचुआ खाद प्रदर्शन इकाई, जैविक खेती, कृषि अवशिष्ट प्रबंधन, कृषि में नवाचार, महिला सशक्तिकरण, उन्नत किस्मों के प्रचार-प्रसार, मछली पालन व मेंढ़ नाली पद्वति के माध्यम से किसान की आय व उत्पादन वृद्धि के साथ-साथ उच्च गुणवत्तायुक्त बीज तैयार कर प्रदेश व देश के अन्य राज्यों को उपलब्ध कराने जैसे उल्लेखनीय कार्यो के लिए प्रदान किया गया। इसी के साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र, धार में पूर्व में प्रधान वैज्ञानिक रहे डॉ. के एस. किराड की टीम ने कृषि आदान विक्रेताओं के लिए कृषि विस्तार सेवा में देशी डिप्लोमा प्रारंभ करने का सफल प्रयोग मध्यप्रदेश में प्रथम बार किया।
कृषि विवि के संचालक विस्तार सेवायें डॉ. एस.एन. उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि देश ने 722 कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यों का मूल्यांकन करने के उपरांत धार कृषि विज्ञान केन्द्र को चुना जाना विवि के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसमे कृषि विज्ञान केन्द्र टीम के डॉ. किराड के साथ साथ डॉ. जी.एस. गाठिए, डॉ. एस. एस. चौहान, डॉ. जे.एस. राजपूत, डी.एस. मंडलोई, गौरव सारस्वत व भूपेन्द्र कुमार कुर्मी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। विवि कुलपति प्रो. एस.के. राव, निदेशक, अटारी, जबलपुर डॉ. एस. आर.के. सिंह ने इसके लिए कृषि विज्ञान केन्द्र धार के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।
