
नए पदाधिकारियों की घोषणा वर्तमान अध्यक्ष सुधांशु कुमार ने की , जिसमें लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के महामंत्री संजय शुक्ला को अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के अध्यक्ष नन्द किशोर सिंह को महामंत्री,आगरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी को कार्यकारी अध्यक्ष नामित किया गया है . - लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद ( lucknow university ) के अध्यक्ष व अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राकेश यादव को समन्वयक निर्वाचित किया गया।
- इसी क्रम लखनऊ विश्वविद्यालय से विनोद धर दुबे प्रचार मंत्री, आगरा विश्वविद्यालय के डॉ० संतोष कुमार यादव प्रवक्ता, लखनऊ विश्वविद्यालय के शिवानन्द द्विवेदी व गोरखपुर विश्वविद्यालय के अरूण श्रीवास्तव सह-प्रवक्ता निर्वाचित किया गया है।
- प्रो0 आलोक कुमार राय, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय ने कहा केवल नकारात्मक बयान और अपने संस्थान को बदनाम करने वाले कृत्य करने से किसी का भी भला नहीं हो सकता।
लखनऊ, 04 मई 2025 ,campussamachar.com, उ०प्र० राज्य विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ का अधिवेशन 03 मई को लखनऊ विश्वविद्यालय के ए.पी. सेन सभागार आयोजित किया गया . इसका उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो0 आलोक कुमार राय कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय ने दीप प्रज्वलित करके किया तथा अध्यक्षता महासंघ के वर्तमान अध्यक्ष सुधांशु कुमार ने की। इस अधिवेशन में प्रदेश के 09 राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ, कर्मचारी परिषद, कर्मचारी वेलफेयर समिति एवं स्टाफ यूनियन के पदाधिकारियों ने सहभाग करते हुये सर्वसम्मति से महासंघ की नवीन कार्यकारिणी का चुनाव किया।

पदाधिकारियों के नाम की घोषणा वर्तमान अध्यक्ष सुधांशु कुमार ने की । जिसमें लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद के महामंत्री संजय शुक्ला को अध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के अध्यक्ष नन्द किशोर सिंह को महामंत्री,आगरा विश्वविद्यालय के अध्यक्ष अखिलेश चौधरी ( Dr Bhimrao Ambedkar University, Agra ) को कार्यकारी अध्यक्ष, कानपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष आलोक कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गोरखपुर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष महेन्द्र नाथ सिंह, रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के महामंत्री रामप्रीत, अवध विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष डॉ० राजेश कुमार सिंह को उपाध्यक्ष, कानपुर विश्वविद्यालय के महामंत्री अभिषेक त्रिवेदी को कोषाध्यक्ष, पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महामंत्री रमेश चन्द्र यादव को संगठन मंत्री निर्वाचित किया गया।

लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद ( lucknow university ) के अध्यक्ष व अखिल भारतीय विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राकेश यादव को समन्वयक निर्वाचित किया गया। महासंघ की नवीन कार्यकारिणी में शामिल अन्य पदाधिकारियों में सुधांशु कुमार, रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली को मुख्य संरक्षक तथा गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ० बी० एन० सिंह, कानपुर विश्वविद्यालय राजेश सिंह, लखनऊ विश्वविद्यालय अजीत सिंह, पूर्वांचल विश्वविद्यालय रामजी सिंह और रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय राज बहादुर सिंह को संरक्षक मण्डल में शामिल किया गया है।

इसी क्रम लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university ) से विनोद घर दुबे प्रचार मंत्री, आगरा विश्वविद्यालय के डॉ० संतोष कुमार यादव प्रवक्ता, लखनऊ विश्वविद्यालय के शिवानन्द द्विवेदी व गोरखपुर विश्वविद्यालय के अरूण श्रीवास्तव सह-प्रवक्ता निर्वाचित किया गया है। इसी क्रम में रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय से राम प्रकाश शाही, बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय से शहंशाह, गोरखपुर विश्वविद्यालय से निर्भय नारायण सिंह, काशी विद्यापीठ से सुरेन्द्र यादव व लखनऊ विश्वविद्यालय से भगवानदीन को संयुक्त मंत्री निर्वाचित किया गया। आगरा विश्वविद्यालय से निखिल शर्मा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय से सुरेन्द्र बहादुर सिंह, काशी विद्यापीठ से शिशुपाल सिंह कानपुर विश्वविद्यालय से प्रशान्त कुशवाहा लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university ) सुरेश कश्यप को विशिष्ट कार्यकारिणी सदस्य के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university ) के सोमनाथ व विनय कुमार श्रीवास्तव कार्यालय मंत्री लखनऊ बनाए गये है।

विश्वविद्यालय से प्रशान्त कुशवाहा लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university ) सुरेश कश्यप को विशिष्ट कार्यकारिणी सदस्य के साथ ही लखनऊ विश्वविद्यालय ( lucknow university ) के सोमनाथ व विनय कुमार श्रीवास्तव कार्यालय मंत्री, लखनऊ बनाए गये है।

अधिवेशन का उद्घाटन करते हुये मुख्य अतिथि प्रो0 आलोक कुमार राय, कुलपति लखनऊ विश्वविद्यालय (Prof. Alok Kumar Rai Vice-Chancellor University of Lucknow) ने अपने में उद्बोधन में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय आए पदाधिकारियों को स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की उपलब्धि अकेले कुलपति अथवा कुलसचिव की नहीं होती है उसमें कर्मचारी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोई कर्मचारी संगठन जब सकारात्मक सोच के साथ रचनात्मक प्रयास करता है तो कर्मचारी समस्याओं के समाधान के साथ ही उस संस्थान की प्रतिष्ठा बढ़ती है और विश्वविद्यालय के साथ-साथ कर्मचारी समुदाय का भी भला होता है, उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों को सदैव यह प्रयास करना चाहिए कि उनके द्वारा कोई ऐसा कृत न हो जिससे कर्मचारी समुदाय के साथ ही संबंधित संस्थान की प्रतिष्ठा पर किस प्रकार की आंच आए अथवा छवि धूमिल हो।

lucknow university news today: उन्होने आगे कहा समस्याओं के निदान के लिए सतत प्रयासरत रहने से ही उसका समाधान होता है और इसमें कर्मचारी समुदाय और उनके प्रतिनिधियों की विशेष भूमिका होती है क्योंकि किसी भी पत्रावली की शुरूआत करने का दायित्व कर्मचारी का होता है और उसे पूर्णता तक पहुंचाने के बाद भी उसका अनुपालन ठीक से हो जाए और उसे निर्णय में निहित लाभ सभी कर्मचारियों को मिल जाए इसके लिए इसमें कर्मचारी नेताओं का सदैव तत्पर रहना चाहिए, इसका प्रत्यक्ष उदाहरण लखनऊ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का मिलने वाली कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ है, उन्होने कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय कर्मचारी परिषद द्वारा कर्मचारियों के मेधावी बच्चों के प्रतिभा सम्मान समारोह जैसे आयोजन से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है, उन्होने आगे कहा केवल नकारात्मक बयान और अपने संस्थान को बदनाम करने वाले कृत्य करने से किसी का भी भला नहीं हो सकता।

