
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में अब एक सप्ताह तक सिर्फ अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी की चर्चा रहने वाली है। इसकी वजह है कि उप्र सरकार द्वारा राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर नई स्टेट यूनिवर्सिटी की स्थापना। अब तक घोषित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर को इस विश्वविद्यालय की आधारशिला रखने वाले हैं और इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां चल रहीं हैं। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ पहुंचकर डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के साथ तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश देकर राजधानी लौट आए हैं। दौरे में मुख्यमंत्री ने लोधा में प्रस्तावित राजा महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी मॉडल का देखा। जानकारी के अनुसार मॉडल को पीडब्ल्यूडी के नोडल कार्यालय के वल्र्ड बैंक विभाग में रखा गया है।
ये होंगे निर्माण
जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन, लाइब्रेरी, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, शैक्षणिक भवन, ब्वायज व गल्र्स हास्टल, वीसी लॉज, ऑफीसर्स क्वार्टर्स सहित अन्य निर्माण प्रस्तावित हैं। इसके लिए लगभग 24917.94 वर्गमीटर एरिया आरक्षित रखसा गया है। विवि के निर्माण की अधिसूचना 22 नवंबर 2019 को जारी हुई थी। विवि के क्षेत्राधिकार में अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस के लगभग 395 महाविद्यालय शामिल होंगे।
इसलिए हो रही यूनिवर्सिटी की स्थापना
राजा महेंद्र प्रताप सिंह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपनी जमीन से लेकर सभी जरूरी मदद दी लेकिन विवि में इनके योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला। इसलिए बीच-बीच में इस विवि का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर किए जाने की मांग उठती रहती। स्थितियों को देखते हुए उप्र सरकार ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर अलीगढ़ में ही एक नई यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा कर दी। रइसके लिए 101 करोड़ का प्रावधान भी किया गया है और 10 करोड़ रुपए जारी भी किए जा चुके हैं। विवि स्थापना के पीछे राजनीति को भी लेकर चर्चा गरम है। माना जा रहा है कि ऐसा करके अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा की पैठ को और अधिक मजबूत करेंगे और विधानसभा चुनाव में इसका लाभ उठाएंगे। हालांकि Senior Social Actvist दया राम यादव कहते हैं भाजपा को राजनीतिक लाभ मिलेगा लेकिन इससे ज्यादा लाभ अलीगढ़ और आसपास के लोगों को मिलेगा, अब वहां उच्च शिक्षा की बेहतर उपलब्धता होगी। राजनीतिक लाभ के सवाल पर Senior Social Actvist दया राम यादव का कहना है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में जो सम्मान राजा महेंद्र प्रताप सिंह को मिलना था, नहीं मिला और इससे अलीगढ़ क्षेत्र के उन लाखों लोगों में टीस थी जो राजा महेंद्र प्रताप सिंह को अपना आदर्श मानते थे,ऐसे में जब भाजपा सरकार उन्हीं राजा के नाम पर एक स्टेट यूनिवर्सटी स्थापित कर रही है, तो बड़ी उपलब्धि है और इसका लाभ मिलेगा।
कौन थे राजा महेंद्र प्रताप सिंह
राजा महेंद्र प्रताप सिंह उन गिने-चुने राजाओं में से एक थे, जो देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। आजादी के संघर्ष के पहले उन्होंने अफगानिस्तान में सबसे पहले भारत की अंतरिम सरकार भी बनाई और कई देशों की यात्रा कर उन्हें अंतरिम सरकार की मान्यता के लिए कहा। उनकी लोकप्रियता का आलम यह था कि आजादी के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत दर्ज की। Senior Social Actvist दया राम यादव कहते हैं, वे बहुत बड़े शिक्षाविद थे और अपने भवन पॉलीटेक्निक आदि के संचालन के लिए दान कर दिया।
यूनिवर्सिटी में शुरू होंगे ये कोर्स
इस नई यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ वोकेशनल स्टडीज में बैचलर इन वोकेशनल कोर्स, पशु एवं डेयरी तकनीकी प्रशिक्षण, कम्यूनिकेटिव इंग्लिश, फॉरेन लैंग्वेज का कोर्स होगा। स्कूल ऑफ एडवांस लर्निंग में डिपार्टमेंट ऑफ एडवांस कम्प्यूटिंग, बायो टेक्नोलॉजी विभाग, डिसीजन साइंस विभाग, एडवांस मॉलिक्यूलर जेनेटिक्स विभाग, डिपार्टमेंट ऑफ रिन्यूएबिल एनर्जी होंगे। मल्टीलिंग्वल स्टडीज में स्कूल ऑफ स्प्रिचुअल साइंस एंड योग स्कूल, स्कूल ऑफ ह्ययूमिनटीज आर्ट एंड सोशल साइंस, स्कूल ऑफ ट्रांसडिस्पिलनरी साइंस कोर्स चालू होंगे।
खास-खास बातें
- 92.27 एकड़ जमीन पर बनेगी यूनिवर्सिटी
- परियोजना की लागत (प्रथम चरण) 101 करोड़ रु.
- पहली किस्त के तौर पर 10 करोड़ रुपये जारी
- परियोजना की पूरा होने का समय जनवरी 2023 तक
