
पटना. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विश्व प्रसिद्ध नव नालन्दा महाविहार नालन्दा के प्रांगण में सुबह सात बजे नव नालन्दा महाविहार एवं पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक समिति, संस्कृति मन्त्रालय, भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संस्कृति मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित”आजादी का अमृत महोत्सव” के अन्तर्गत एक प्रशिक्षित योगाचार्य के निर्देशन में योगासन और प्राणायाम का कार्यक्रम बड़े उत्साह और सुरुचिपूर्वक आयोजित किया गया। कुलपति प्रोफेसर वैद्यनाथ लाभ की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद कौशलेन्द्र कुमार थे।
इस अवसर पर पूर्वी क्षेत्रीय सांस्कृतिक समिति के निदेशक डॉ तापस सामन्त राय, प्रो. जनार्दन उपाध्याय, महाविहार के शैक्षणिक एवं शिक्षणेतर कर्मचारीगण एवं स्थानीय गण्यमान लोगों ने हल्की बूंदाबांदी के बीच एक प्रशिक्षित योगाचार्य के निर्देशन में योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया। इसके बाद पू. क्षे. सां. समिति की सोनाली मल्लिक द्वारा शास्त्रीय नृत्य संगीत प्रस्तुत किया गया। इसके बाद संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार कर्ण के निर्देशन में छात्रों द्वारा संस्कृत में श्लोक वाचन किया गया। सुखद बात यह रही कि इस पूरे कार्यक्रम को दूरदर्शन द्वारा सजीव प्रसारण किया गया, जिसका आनन्द विश्व के 180 देशों के लोगों ने लिया।
इस अवसर पर स्थानीय सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने योग की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए इसे आधुनिक जीवन शैली के लिए अत्यंत आवश्यक एवं महत्वपूर्ण माना। उन्होंने कहा कि इस प्राचीन भारतीय विधा के वैश्विक महत्व को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अथक प्रयास किए। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो वैद्यनाथ लाभ जी ने कहा कि योग और प्राणायाम भारत की प्राचीन विरासत है। उन्होंने कहा कि धर्म और सम्प्रदाय से परे योग मन और शरीर को स्वस्थ और प्रफुल्लित रहने के लिए किया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि इस कोरोना काल में यह और भी सिद्ध हो गया कि शरीर में योग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में योग और प्राणायाम का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर प्रतिभागी कलाकारों एवं छात्रों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अन्त में कुलसचिव डॉ सुनील कुमार सिन्हा ने आगत अतिथियों को कार्यक्रम में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के अन्त में महाविहार की ओर से सभी के लिए जलपान की व्यवस्था की गई।
